नींबू के गुण, लाभ एवं प्रयोग

नींबू के गुण, लाभ एवं प्रयोग Lemon Contents

नींबू में विटामिन ए, बी और सी भरपूर मात्रा में होता हैI विटामिन ए, बी और सी ये तीनों 1:2:3 के अनुपात में होते हैंI इसमें पोटेशियम, लोहा, सोडियम, मैगनेशियम, तांबा, फास्फोरस और क्लोरीन तत्त्व के साथ-साथ प्रोटीन, वसा और कार्बोज भी पर्याप्त मात्रा में हैं। विटामिन सी से भरपूर नींबू शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ ही एंटी-ऑक्सीडेंट का काम भी करता है और कोलेस्ट्राल को भी कम करता है। नींबू में मौजूद विटामिन सी और पोटेशियम घुलनशील होते हैं, जिसके कारण ज्यादा मात्रा में इसका सेवन भी नुकसानदायक नहीं होताI

नींबू के प्रयोग एवं फायदे Lemon Usages and Benefits

  • नीबू का शर्बत(सिकंजी) –  गर्मी के दिनों में व्याकुलता, अपचन, उबाक, वयन, अरुचि, तृष्णा तथा रक्तविकार को दूर रहता हैI इसके लिए नींबू के रस की 10 से 20 ग्राम मात्रा को जल के साथ मिलाया जा सकता हें| यह नीबू का सबसे प्रचलित उपयोग है|
  • स्वादिष्ट शरबत – नींबू का रस 1 किग्रा, अदरक का रस 400 ग्राम, सेंधा नमक 20 ग्राम, काला नमक 20 ग्राम, हींग 5 ग्राम, मिश्री 1 किग्राI सबको स्टील की भगोनी में मिलाकर उबालेंI तीन बार उफान आने पर नीचे उतारकर तुरंत छान लेवेंI ठंडा होने पर ऊपर के भाग को अलग निथार लेवें, पैंदे में बचे हुए कचरे वाले भाग का उपयोग पहले जल्दी कर लेवेंI इसे 6 ग्राम से लेकर 20 ग्राम तक जल में मिलाकर सेवन करेंI इस शरबत के सेवन से अपचन, हैजा, पेचिश, अविकार, उदरकृमि, अरुचि, मंदाग्नि, मलावरोध एवं उदरगूल आदि रोग दूर होकर क्षुधा की उत्पत्ति होती हैI
  • हिचकी – नीबू की राख 1.5 ग्राम शहद में मिलाकर चटाने से हिचकी बंद हो जाती हैI
  • दांतों की चमक – नींबू दांतों की भी सुरक्षा करता है। नींबू के रस में थोड़ा-सा नमक और दो बूंद सरसों का तेल मिलाकर दांतों पर रगड़ने से दांत चमकदार होते हैं।
  • मेदोवृद्धि – पके ताजे नींबू का रस 25 ग्राम, शहद 25 ग्राम को 20 ग्राम निवाये जल में मिलाकर भोजन कर लेने पर तुरंत पिलाते रहने से 1-2 माह में मेदोत्पत्ति बंद हो जाती हैI
  • जी मचलाने पर – चक्कर और उल्टी आने पर नींबू के ऊपर नमक और हल्की सी काली मिर्च बुरक कर चूसने से लाभ मिलता है।
  • खुजली – सारे शरीर में खुजली चलती हो तो सरसों या तिल्ली के तेल में समान मात्रा में नींबू का रस मिलाकर मालिश कराते रहने से, कपड़ों को गर्मजल से धुलवाते रहने से खुजली चली जाती हैI
  • पथरी – नींबू के रस में सेंधा नमक मिलाकर कुछ दिन नियमित पीने से पथरी गल जाती है। विटामिन सी की प्रचुरता के कारण गुर्दे, आँतें और फेफड़े ठीक रहते हैं।
  • बालकों को मूत्रावरोध – नींबू के बीजों को कूट कर मोटा चूर्ण कर नाभि में भरें, फिर ऊपर शीतल जल की धारा डालें तो तुरंत पेशाब साफ आ जाता हैI
  • कर्णशूल – नींबू के 200 ग्राम रस में 50 ग्राम सरसों या तिल्ली का तेल को पका लेवें, केवल तेल रहने पर छानकर बोतल में भर लेवेंI उसमें से 2-2 बूँद डालते रहने से श्यवृद्धि से होने वाली वेदना दूर हो जाती हैI कान में खुजली चलना, बार-बार कान से मवाद आने के कारण सुनने की शक्ति मंद होने पर  यह तेल हितकारक हैI
  • प्लीहा वृद्धि – इसके लिए नींबू की चटनी सैंधा नमक के साथ दी जाती हैI

वैद्य जगदीश प्रसाद दुबे,
B.A.M.S. राष्ट्रीय आयुर्वेदिक संस्थान
सेवानिवृत्त जिला आयुर्वेद अधिकारी

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