बिटकॉइन माइनिंग क्या है और बिटकॉइन कैसे बनता है

बिटकॉइन माइनिंग क्या है और बिटकॉइन कैसे बनता है

बिटकॉइन कौन चलाता है – Bitcoin Network

बिटकॉइन का उपयोग अन्तर्राष्ट्रीय डिजिटल मुद्रा के रूप में हो रहा है पर अन्य मुद्राओं की तरह इसे कोई सेंट्रल बैंक नियंत्रित नहीं करता है| किसी भी देश के सेंट्रल बैंक वहा की मुद्रा के छापने और सर्कुलेशन पर नियंत्रण रखते है और मुद्रा की गारंटी देते है | बिटकॉइन नेटवर्क में नए बिटकॉइन को जारी करना (उत्पादन), ट्रांसेक्शन एवं गारंटी बिटकॉइन की अल्गोरिथम (प्रोग्राम) और विश्व भर के लोगो द्वारा सामूहिक रूप से चलाये गए बिटकॉइन माइनिंग नेटवर्क से होता है।

नए बिटकॉइन भी सोने की तरह माइनिंग से बनते है और बिटकॉइन माइनिंग का काम विश्व में कोई भी कही से भी कर सकता है| यह काम इंटरनेट पर जुड़े कंप्यूटर पर बिटकॉइन माइनिंग के प्रोग्राम से किया जाता है| बिटकॉइन माइनिंग प्रोग्राम एक ओपन सोर्स है इसी कारण माइनिंग के लिए किसी तरह के लाइसेंस सॉफ्टवेयर की जरूरत नहीं होती है |

बिटकॉइन माइनिंग क्या है – Bitcoin Mining

बिटकॉइन माइनिंग (bitcoin mining) वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा बिटकॉइन में किये गए लेनदेन सत्यापित होते हैं और लेनदेन (transaction) को बिटकॉइन के खाते (block chain ledger) में जोड़ा जाता है, जिसे ब्लॉकचैन के रूप में जाना जाता है| इसी प्रकिया में नए बिटकॉइन भी जारी होते हैं| बिटकॉइन नेटवर्क में भागीदार बिटकॉइन माइनर कहलाते है| बिटकॉइन नेटवर्क एक सामुहिक नेटवर्क है जिसे की कोई एक संस्था नहीं चलाती बल्कि कई लोग मिलकर चलाते है और बिटकॉइन में हो रहे लेनदेन को प्रोसेस करते हो और उसका हिसाब रखते हैं | इसमें कम्प्यूटर मशीन, इंटरनेट एवं बिजली के खर्चे माइनर उठाते और रिवॉर्ड के रुप में नए बने बिटकॉइन माइनर को मिलते है|

नया बिटकॉइन कैसे जारी होता है – New Block Writing

बिटकॉइन नेटवर्क में यूजर का एक वॉलेट (bitcoin wallet) होता है जिससे बिटकॉइन भेजे या प्राप्त किये जा सकते है | प्रत्येक बिटकॉइन लेनदेन (ट्रांसेक्शन) बिटकॉइन के जनरल लेजर यानि ब्लॉकचैन नेटवर्क पर रिकॉर्ड होता है | बिटकॉइन नेटवर्क एक निर्धारित अवधि (अभी यह 10 मिनट है) के दौरान भेजे गए सभी लेन-देन को एक सूची में इकट्ठा करके एक ब्लॉक में लिखता है| नया ब्लॉक चैन में पिछले ब्लॉक से जुड़ा रहता है इसलिए नए ब्लॉक में पिछले ब्लॉक का लिंक (हेश) होता है | इस तरह ब्लॉक की चैन (ब्लॉकचैन) बनी रहती है | नए ब्लाक नेटवर्क में शामिल सभी कम्प्यूटर्स को मिलते रहते है जिससे सभी अपना रिकॉर्ड अपडेट करते है और सभी को वर्तमान स्टेटस की जानकारी रहती है |

जब लेनदेन का एक ब्लॉक बनाया जाना है तो बिटकॉइन माइनिंग से इंटरनेट पर जुड़े सभी भागीदार (bitcoin miners)  इसे प्रोसेस करने में लग जाते है और ब्लॉक में रखी जानकारी, पिछले ब्लॉक का हेश, नौउन्स (कुछ संख्या ) को लेकर बिटकॉइन प्रणाली के कंप्यूटर प्रोग्राम से एक हैश बनाते है| बिटकॉइन प्रकिया को जटिल बनाने एवं कुल संभव बिटकॉइन को सीमित करने के लिए बिटकॉइन ब्लाक में हैश के मान्य तरीके (hash pattern) होते है और जब तक उस तरीके का हैश माइनिंग प्रोग्राम द्वारा नहीं बन जाये, नए आंकड़ों को लेकर बार बार हैश बनाया जाता है| यह काम बिटकॉइन नेटवर्क में शामिल सभी भागीदार माइनर एक साथ करते है और जिस माइनर का हैश सबसे पहले मान्य तरीके का बन जाता है वह ब्लॉक चैन पर अगले ब्लॉक को लिख देता है और इस काम के लिए प्रोत्साहन (रिवॉर्ड) बिटकॉइन राशि का हक़दार बन जाता हैं |

नेटवर्क के नियमो के अनुसार, नए ब्लॉक बनने पर ही नए बिटकॉइन जारी होते है जिसे बिटकॉइन रिवॉर्ड कहा जाता है | नए जारी बिटकॉइन और ट्रांजेकशन की फीस उस नए ब्लॉक बनाने वाले माईनर को मिलती है बाकि सभी माइनर को उस ब्लॉक के लिए कुछ नहीं मिलता है| रिवॉर्ड में मिलने वाले यही बिटकॉइन दुनियाभर के लोगो को बिटकॉइन नेटवर्क में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित करते है |

वर्तमान में हर दस मिनट पर एक नया बिटकॉइन ब्लॉक लिखा जाता है| बिटकॉइन ब्लॉक की साइज़ 1 MB होती है|

नए ब्लॉक पर मिलने वाली बिटकॉइन की राशि – Bitcoin Reward

प्रत्येक नए ब्लाक पर जारी किए गए नए बिटकॉइन की राशि को ब्लॉक रिवॉर्ड कहा जाता है| ब्लॉक रिवॉर्ड की राशि 2,10,000 नए ब्लाक जुड़ने के बाद नए आधी हो जाती है| 2009 में बिटकॉइन की शुरुआत के समय हर नए ब्लॉक पर 50 बिटकॉइन मिलते थे जो 2012 से 25, 2016 से 12.5 हो गए है और 2020 से 6.25 हो जायेंगे | बिटकॉइन माइनर की संख्या बढ़ने से और समय के साथ ब्लॉक रिवॉर्ड की राशि कम होने से माइनर के लिए नया बिटकॉइन कमाना मुश्किल होता जाता है| समय के साथ बिटकॉइन की बढ़ती कीमते लोगो को बिटकॉइन माइनिंग के लिए प्रोत्साहित करती है |

बिटकॉइन की सीमित संख्या – 21,000,000 Bitcoins

बिटकॉइन का लॉजिक ऐसा है, जिसके इनकी इसकी संख्या सीमित रहेगी है और समय के साथ नए बिटकॉइन का जेनरेशन धीमा हो जायेगा| बिटकॉइन की केवल 21,000,000 (2.1 करोड़) यूनिट्स ही बन सकती है ऐसा संभव है की 2140 तक यह यूनिट्स बन जाये | 1 बिटकॉन्स (BTC) को 8 दशमलव स्थानों (0.000 000 01) तक विभाजित किया जा सकता है | ट्रांसेक्शन करने की डेसिमल के बाद 8 स्थान उपयोग में आ सकते है इससे कम कीमत के लेनदेंन संभव है क्योकि 1 बिटकॉइन की कीमत 10,000 अमेरिकी डॉलर या 6 लाख भारतीय रूपए के उपर तक पहुंच गयी है|

धर्मेन्द्र मिश्र
सूचना तकनीक विशेषज्ञ

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