एसआईपी – सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान SIP in Hindi

एसआईपी – सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP Hindi)

सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (सिप) क्या है – What is SIP

सिस्टमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) निरंतर निवेश का एक तरीका है जिसमे किसी निवेश की स्कीम में नियमित अन्तराल से एक समान राशि एक नियत समय तक जमा की जाती है। निवेश आमतौर पर साप्ताहिक, पाक्षिक या मासिक किश्तों में होता है। सिप के लिए  निर्धारित किये गए सप्ताह के दिने या महीने की निश्चित तारीख की सिप की राशि बैंक खाते से अपने आप फण्ड में ट्रान्सफर हो जाती है और इस राशि के मूल्य  के यूनिट या शेयर व्यक्ति को उस दिन की कीमत के अनुसार मिल जाते है |

उदाहरण के लिए यदि आप म्यूच्यूअल फण्ड में मासिक रूप से 1 साल तक 5000 रु मासिक निवेश करना चाहते है तो आप सिप का फॉर्म भरना पड़ेगा जिसमे आप म्यूच्यूअल फण्ड की स्कीम का नाम, सिप की मासिक राशि भरनी होगी और मासिक सिप का विकल्प चुनना होगा| साथ ही आपको बैंक का नाम और अकाउंट नंबर देकर एक फॉर्म भरना होगा जो की आप की बैंक को हर महीने 12 महीने की अवधि 5000 रु तक म्यूच्यूअल फण्ड को ट्रान्सफर करना निर्देश देगा|

एसआईपी के जरिये निवेश विकल्प (Investment Options with SIP)

सिप एक प्रचलित तरीका है जिसके जरिये निवेशक म्यूचल फंड, शेयर, सोना अदि में निवेश कर सकते है | म्युचुअल फंड की योजनाओं से द्वारा आप शेयर, सोना, ऋण (डेब्ट) में निवेश कर सकते है|

म्यूचल फंड की योजनाये मुख्तय निम्न 4 प्रकार की निवेश योजनाये होती है –

  • इक्विटी म्यूचुअल फंड योजनाएं (Equity Mutual Fund Schemes) – योजनाएं जो अपने पैसे का 65% से 100% तक इक्विटी (कंपनियां के शेयरों ) में निवेश करती हैं।
    डेट (ऋण) म्यूचुअल फंड योजनाएं (Debt Mutual Fund Schemes) – योजनाएं जो सरकारी या कॉरपोरेट बॉन्ड / कंपनियों के फिक्स्ड डिपॉजिट्स में निवेश करती हैं।
    बैलेंस्ड म्युचुअल फंड योजनाएं (Balanced Mutual Fund Schemes) – योजनाएं जो इक्विटी और ऋण उत्पादों के मिश्रित रूप में निवेश करती हैं।
    गोल्ड म्यूचुअल फंड स्कीम (Gold Mutual Fund Schemes) – योजनाएं जो सोने में निवेश करते हैं।

सिप कैसे चालू की जाती है (How to start SIP)

म्यूचुअल फंड कंपनी के आवेदन फॉर्म भर कर एसआईपी की शुरुआत की जा सकती है। फॉर्म म्यूचुअल फंड के ऑफिस से ले सकत है या वेबसाईट से डाउनलोड कर सकते है। म्यूच्यूअल फण्ड कम्पनिया अपने डिस्ट्रीब्यूटर एवं एजेंट्स के द्वारा भी फॉर्म भरने एवं एवं जमा कराने की सुविधा देते है।म्युचुअल फंड आवेदन पत्र में फंड की स्कीम एवं और राशि भरनी होती है और अपने बैंक खाते से नियत तारीखों पर एसआईपी राशि की कटौती के लिए बैंक को निर्देश के लिए, एक फॉर्म दिया जाता है। म्यूचुअल फंड की वेबसाइटों द्वारा दिए फॉर्म को भर कर ऑनलाइन एसआईपी भी शुरू की जा सकती है|

सिप कैसे काम करता है (How SIP Works)

जब आप एसआईपी के लिए आवेदन करते हैं और केवाईसी होने के बाद म्यूच्यूअल फण्ड फॉर्म में दिए निर्देश के आधार पर एसआईपी की रकम आपके बैंक राशि से डेबिट की जाती है और म्यूचुअल फंड यूनिट्स को आपके म्यूच्यूअल फण्ड की खाते (फोलियो) में आवंटित किया जाता है। आपके द्वारा चयनित फंड स्कीम अपने निवेश पोर्टफोलियो के मूल्य के आधार पर यूनिट की वैल्यू (एनएवी) दैनिक रूप से घोषित करते हैं। यह एनएवी हर रोज वेब साइट पर अपडेट किया जाता है। किसी भी म्यूचुअल फंड इकाई की खरीद / बिक्री फंड योजना के प्रकाशित दैनिक एनएवी के आधार पर होती है।

एसआईपी के फायदे (SIP Advantages)

एसआईपी नियमित बचत की आदत बनाता है क्योंकि एक बार सिप की शुरुआत होने पर सिप की राशि निर्धारित दिवस पर निवेशक के बैंक खाते से स्वचालित रूप से डेबिट की जाती है और रकम से म्यूच्यूअल फण्ड की यूनिट खरीद ली जाती है । इक्विटी या सोने के म्यूच्यूअल के यूनिट की कीमत  शेयर एवं सोने की बाजार की कीमत के अनुसार घटती और बढती रहती है | सिप में निर्धारित समय अन्तराल पर लगातार खरीद होने से लागत में औसत को हासिल किया जाता है (Averaging of cost)।

सावधानिया (Cautions)

म्यूच्यूअल फण्ड एसआईपी बैंक एफडी की तरह सुरक्षित निवेश नहीं है क्योंकि म्यूचुअल फंड निवेश बाजार के जोखिम के अधीन होते हैं। ये निवेश नुकसान भी दे सकता है इसलिए एसआईपी करते समय म्यूच्यूअल फण्ड का चयन सावधानीपूर्वक मूल्यांकन कर करना चाहिए और एक योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श लेना चाहिए।

एसआईपी टर्म्स (SIP Terms)

एसआईपी राशि (SIP Amount) – आपकी लक्षित राशि प्राप्त करने के लिए प्रत्येक एसआईपी देय तिथि के लिए निवेश होने के बराबर राशि आवर्ती हो।

सिप संचित राशि या लक्ष्य की राशि (SIP Accumulated Amount) – एक वह रकम हे जो की आप सिप की अवधि पूरा होने पर वापिस चाहते है| यह आमतौर पर आपके द्वारा लक्षित राशि है जिसको लक्ष्य मानकर आप निवेश करना चाहते हैं।

सिप वापसी दर (SIP Return Rate) -आपके निवेश पर यह वार्षिक रिटर्न दर की उम्मीद है इसे आमतौर पर दीर्घकालिक उद्योग की औसत से लिया जाता है । रिटर्न दर विभिन्न प्रकार के म्यूचुअल फंड जैसे ईक्विटी, डेट या गोल्ड फंड्स पर भिन्न होती है। आपको बेहतर परिणाम पाने के लिए एक औसत दर उपयोग करनी चाहिए।

सिप अवधि (SIP Duration) – पहली एसआईपी निवेश की तिथि से आखिरी एसआईपी निवेश की तिथि तक की अवधि।

सिप आवृत्ति (SIP Frequency) -एसआईपी में एक समान समय के अंतराल में समान राशि बार बार जमा होती है, आवृत्ति परिभाषित करती है की आपके निवेश का अंतराल क्या है , हर सप्ताह, हर महीने ।

डा. पूजा, MBA,Phd
पू. व्याखाता. इंजीनियरिंग एवं मैनेजमेंट कॉलेज, मार्केटिंग एवं फाइनेंस एक्सपर्ट

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